Aug 18, 2026

भैरव राक्षस गुफा – पोखरण

 

भैरव राक्षस गुफा – पोखरण


भैरव राक्षस गुफा राजस्थान के पोखरण क्षेत्र से जुड़ा एक प्रसिद्ध धार्मिक एवं लोक-आस्था का स्थल है। यह गुफा Baba ramdev ji  से जुड़ी प्रचलित लोककथा के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व रखती है। उपलब्ध स्थानीय विवरणों के अनुसार यह गुफा पोखरण के निकट, कैलाश टेकरी के आसपास स्थित मानी जाती है और रामदेवरा मंदिर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी बताई जाती है। 

लोककथा के अनुसार भैरव नामक राक्षस का आतंक पोखरण और आसपास के क्षेत्र में फैला हुआ था। कहा जाता है कि बाबा रामदेवजी अपने गुरु बालीनाथजी के आश्रम में पहुंचे। बालीनाथजी ने उन्हें भैरव से सावधान किया और अपनी कुटिया में छिपा लिया। कथा के अनुसार भैरव वहां पहुंचा और मनुष्य की गंध महसूस कर बाबा रामदेवजी को खोजने लगा। बाद में बाबा रामदेवजी ने उसका सामना किया और लोगों को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई। 

प्रचलित मान्यता के अनुसार भैरव राक्षस जिस गुफा में गया, वही स्थान आगे चलकर भैरव राक्षस गुफा के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इस स्थल से जुड़ी मान्यताएं आज भी स्थानीय धार्मिक परंपराओं में दिखाई देती हैं। कुछ विवरणों के अनुसार रामदेवजी की पूजा के बाद भैरव राक्षस को बाकला चढ़ाने की परंपरा भी बताई जाती है। 

गुफा के आसपास का क्षेत्र राजस्थान के मरुस्थलीय प्राकृतिक परिवेश, पहाड़ियों और लोक-आस्था का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। इसलिए रामदेवरा और पोखरण आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान धार्मिक इतिहास और लोककथाओं से जुड़ा एक आकर्षण माना जाता है।


No comments:

Post a Comment